The Babumoshai

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Wednesday, November 24, 2010



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Wednesday, April 14, 2010

कल वेलेन्टाईन डे था(मध्यरात्रि बीत चुकी है और तारीख़ बदल गई है) और मैं सदैव की तरह तन्हा बैठा कुछ सोच रहा था। हिन्दी चिट्ठा जगत में सभी कविता अधिक करते हैं बाकी कुछ और कम। कविताओं में मुझे कोई विशेष रूचि नहीं रही कभी, पर मैंने सुना है कि प्यार का इज़हार एक सुन्दर कविता से बढ़िया कोई नहीं कर सकता। तो मैंने सोचा कि क्यों न आज के दिन कविताओं के प्रति अपनी अरूचि को भूल मैं भी एक कविता लिख डालूँ!! ;)

तो प्रस्तुत है एक कविता जो कि मेरे मन में जैसे आई मैंने वैसे लिख डाली। अब इसे पढ़कर ऐसा वैसा मतलब न निकाले कोई, क्योंकि हम नहीं गिरे हैं अभी इतना नीचे, कि लगने लगें मजनूँ और लोग कहें हमें दीवाना!! ;) :D

वेलेन्टाईन डे के दिन मैं अकेला बैठा सोचता हूँ,
यदि हम उससे इतना दूर न होते
तो हम भी कान से कान तक मुस्कुराते,
आँखों में उसके लिए ढेर सा प्यार,
मिल जाते किसी रेस्तरां में पिज्ज़ा खाते।

वह देखती हमारी ओर और हम उसकी ओर,
नज़रें चार होती हमारी और हम दुनिया को भूल जाते,
प्रतीत होता ऐसा जैसे बीच में हम और आसपास खेत हैं लहलहाते,
खामोश इशारों से होती दिल की बातें,
हर पल के साथ युग बीतते जाते,
कुछ वह कहती अपने दिल की, कुछ हम कहते,
बिना होंठ हिलाए ही सब कुछ बयान कर जाते।

यूँ ही अनंत काल तक रहता वह समां बंधा,
न करता जब तक आकर वेटर भंग मेरी तंद्रा,
बिल देकर देखता वह मेरी ओर,
जैसे भूल की हो मैंने कोई घनघोर,
सस्ते में ही काम लिया निबटा,
दिन अवसर न सही, हमने तो उसका भी ख्याल न किया!!
मुस्कुराकर उसकी(किसकी?) ओर भरता मैं बिल,
सोच मन ही मन में, कि चलो बच गया डूबते डूबते ये दिल।

बहरहाल फ़िलहाल हम छूट गए सस्ते में,
अब आगे न जाने कैसे कैसे भुगतान करने पड़ेंगे,
सुलटा भी पाएँगे या लेने के देने पड़ेंगे।
कर्म किया है तो फल की भी आशा करते हैं,
पर मन माफ़िक मिलेगा या फ़िर रहेंगे हम तरसते?

इसी उधेड़बुन में बैठा, रहा था दिमाग खपा,
तभी खुले मेरे ज्ञान चक्षु, गूँजी मेरे कर्णों में गीता,
कर्म है मनुष्य के हाथ में, नहीं है फल का चुनाव,
जैसा कर्म किया है वैसा ही तो फल मिलेगा!!

अच्छा था सपना वह जो अचानक ही टूट गया,
पाया कि कमबख्त मोबाईल था बज रहा,
फ़िर मन ही मन में मुस्कुरा मैंने सोचा,
अच्छा ही है जो नहीं है वो यहाँ,
वरना हम भी डूब गए होते उसके सागर से भी गहरे नयनों में,
खोज रहे होते हर जगह हमारे घर वाले,
और मित्र गण सोच कर दुखिया रहे होते,
कि एक और भाई को निगल गए इश्क के कातिल कोहरे।

Monday, April 12, 2010

UC Web 7.2 for India

Download Latest UC Browser 7.2 Beta For India, Indonesia and International

Wednesday, March 31, 2010

Download Latest UC Browser 7.2 Beta Released

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UC Browser 7.2 Beta Released in Chinese and you can try the English translated version by me here. UC Browser official version will be release soon next month, till you can enjoy this English translated version by me for Java phones. This new version features like Save Page, Direct image upload via Camera and lots bug fixed. UC browser known as Most fastest and stable browser.